Bikaner : डेंगू-मलेरिया का आंकड़ा 200 के पार…


पीबीएम हॉस्पिटल में दो ही महीने में डेंगू आैर मलेरिया रोगियों का आंकड़ा 206 तक पहुंच गया है। रोज 25-30 रोगी भर्ती किए जा रहे हैं। जबकि जिले में डॉक्टर्स फील्ड में जाने से कतरा रहे हैं। लोग जानकारी की कमी और असावधानी के कारण डेंगू मलेरिया की चपेट में आ रहे हैं।

पीबीएम हॉस्पिटल में डेंगू आैर मलेरिया रोगियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इन 42 दिनों में ही आईपीडी आैर आेपीडी मिलाकर डेंगू के 111 तथा मलेरिया के 95 रोगी रिपोर्ट हो चुके हैं। पीबीएम में केवल उन रोगियों को रिकॉर्ड रखा जा रहा है, जो एलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव आ रहे हैं, जबकि रोगियों की संख्या ज्यादा मानी जा रही है। प्राइवेट लैब में रैपिड एंटीजन टेस्ट किए जा रहे हैं, जिसमें मरीज के डेंगू-मलेरिया पॉजिटिव आ रहा है, जबकि पीबीएम के एलाइजा टेस्ट में निगेटिव रिपोर्ट होता है। डॉक्टरों का कहना है कि रैपिड किट वाले टेस्ट कई बार फेक निकलते हैं। इसके अलावा बुखार होने पर मरीज तत्काल दवाएं लेना शुरू कर देते हैं, इसलिए पीबीएम पहुंचने के ज्यादातर की रिपोर्ट निगेटिव आती है। िनजी अस्पतालों के आकड़े विभाग मानता नहीं।

जिले के समस्त चिकित्सकों, ब्लॉक सीएमओ तथा ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधकों को मलेरिया व डेंगू के नियंत्रण संबंधी गहन प्रशिक्षण दिया गया। मच्छरों के प्रकार व मच्छरों के जीवन चक्र से लेकर एंटी लारवा गतिविधियों, एंटी एडल्ट गतिविधियों, फील्ड सर्वे, ब्लड स्लाइड कलेक्शन, रक्त जांच, उपचार प्रोटोकॉल, रिपोर्टिंग के फॉर्मेट, प्रत्येक स्तर से होने वाली गतिविधियों, लक्ष्यों तथा अपेक्षाओं पर चर्चा की गई। संयुक्त निदेशक बीकानेर जोन डॉ देवेंद्र चौधरी ने सभी चिकित्सकों को निर्देश दिए कि वह ओपीडी के बाद मलेरिया डेंगू नियंत्रण के लिए खुद फील्ड में उतर जाएं। प्रतिदिन विद्यालय व चौपाल पर बुखार रोगियों को लेकर चर्चा करें और पता करें कि गांव में अचानक बुखार के रोगी तो नहीं बढ़ रहे। स्टोर में रखी प्रचार प्रसार की आईईसी सामग्री, दवाएं, उपकरण आदि के संबंध में 7 दिवस में रिपोर्ट मांगी है। डॉ नवल किशोर गुप्ता ने गंबूसिया, मलेरिया लार्वीसाइड ऑयल, टेमीफोस, पायरेथ्रम, फास्ट कार्ड, अगरबत्ती आदि के प्रोटोकॉल अनुसार उपयोग करने का प्रशिक्षण दिया। डीटीओ डॉ चंद्रशेखर मोदी ने मलेरिया डेंगू पॉजीटिव आने पर रोगी के घर पर की जाने वाली नॉक डाउन एक्टिविटी की जानकारी दी।


CATEGORIES
Share This