खाटू श्याम भजन संध्या: श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव पर भक्तिमय गीतों से गूंजा बीकानेर


श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव
भगवान श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के अवसर पर बीकानेर में आयोजित भजन संध्या ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। खाटू श्याम बाबा के भजनों की सुमधुर ध्वनि ने पूरे आयोजन को भक्तिरस में डूबा दिया।

भजन संध्या का आयोजन:
श्री अग्रवाल सभा संस्थान द्वारा आयोजित श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के तहत 1 अक्टूबर को चेतना अग्रवाल भवन, जयनारायण व्यास कॉलोनी, बीकानेर में भव्य खाटू श्याम भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस भजन संध्या में बीकानेर के सुप्रसिद्ध भजन गायक नारायण बिहाणी एंड पार्टी ने अपने मधुर भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत:
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा खाटूश्याम की आरती और जोत जलाने से की गई। पूरे भवन में भक्तों की अपार भीड़ ने भगवान श्याम के भजनों में डूबकर आयोजन को और भी आध्यात्मिक बना दिया। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक रामचंद्र अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन भगवान श्री अग्रसेन की जयंती के अवसर पर हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों का एक हिस्सा है।

भजनों का प्रभाव:
नारायण बिहाणी ने “आयो सांवरियो सरकार, श्याम बाबा तेरे पास आया…” जैसे सुमधुर भजनों से पूरे माहौल को भक्तिरस में रंग दिया। भक्तगण भजनों पर झूमते, नाचते और हाथ जोड़कर प्रार्थना करते नजर आए। हर कोई बाबा खाटू श्याम की भक्ति में लीन हो गया, और चारों तरफ भक्ति का माहौल छा गया।

विशिष्ट अतिथियों का स्वागत:
इस कार्यक्रम में देवीकुंड सागर स्थित ब्रह्म गायत्री सेवाश्रम के अधिष्ठाता स्वामी रामेश्वरानंद ‘दाताश्री’ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका अभिवादन किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी रामेश्वरानंद जी ने भजनों के माध्यम से भक्ति का संदेश दिया और सभी भक्तों को संयम, शांति और सेवा का महत्व समझाया।

उपस्थित प्रमुख व्यक्ति:
इस भजन संध्या में समाज के कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। राजेन्द्र अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, अरूण अग्रवाल, प्रेमरतन अग्रवाल, शिवशंकर अग्रवाल, किशनलाल अग्रवाल और सुशील बंसल आदि ने कार्यक्रम में भाग लिया और इस धार्मिक उत्सव को सफल बनाया।

आयोजन का महत्व:
भगवान श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के तहत आयोजित यह भजन संध्या सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह लोगों के बीच भाईचारे और भक्ति का प्रतीक भी था। समाज के हर वर्ग के लोगों ने इस आयोजन में भाग लिया, जिससे यह साबित होता है कि बीकानेर में धार्मिक और सामाजिक आयोजन कितने महत्वपूर्ण होते हैं।

भविष्य के कार्यक्रम:
श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के तहत 3 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, ये कार्यक्रम समाज में भक्ति, सेवा और समर्पण का संदेश फैलाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। इस दौरान सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिसमें भाग लेकर भक्तजन भगवान अग्रसेन की शिक्षाओं का अनुसरण कर सकते हैं।


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