Bikaner :डूंगर कॉलेज में घरेलू सामान से भौतिक विज्ञान के नियमों पर काम कर रहे हैं विद्यार्थी…..










बीकानेर सीखने की ललक और नया करने की सोच हो, तो आस-पास मौजूद संसाधन भी चमत्कारी परिणाम दे सकते हैं। यह चरितार्थ हो रहा है बीकानेर संभाग के सबसे बड़े राजकीय डूंगर महाविद्यालय में
यहां पर विद्यार्थी भौतिकी के नियमों के आधार पर नवाचार करने के लिए सुगम अन्वेषिका लैब में जुटे रहते हैं। इस लैब में कोई भी बाजार में उपलब्ध प्रयोगशाला का तैयार सामान नहीं है। विद्यार्थी अपने घरों से घरेलू उपयोग में आने वाले सामान को लाते हैं। भौतिकी के सिद्धांतों को उनके माध्यम से समझते हैं। कुछ नया आविष्कार करने का प्रयास करते रहते हैं।
लैब को संचालित करने के लिए कॉलेज ने एक कमेटी बनाई है। इसमें सदस्य के रूप में विभागाध्यक्ष डॉ. एमडी शर्मा, डॉ. स्मिता शर्मा, डॉ. भुवनेश्वर सुथार, डॉ. ओम प्रकाश स्वामी और अंकिता गोयल शामिल हैं। अभी शुरुआत में विद्यार्थियों को वायु के दबाव, गुरुत्वाकर्षण बल, पानी का प्रवाह, प्रकाश की गति जैसे सिद्धांतों को साधारण वस्तुओं से समझकर उसके आधार पर आज की घरेलू जरूरतों के हिसाब से अविष्कार को प्रेरित किया जाता है। डॉ. एमडी शर्मा ने बताया कि अभी शुरुआत ही है, लेकिन विद्यार्थियों में नया करने की ललक और शुरुआती परिणाम उत्साहजनक हैं। व्याख्याता स्वयं मौजूद रहकर खुद भी नियमों को समझ रहे हैं। एक प्रयोग में प्रकाश को पानी के साथ पानी की तरह गुरुत्वाकर्षण से मुड़ते देखने, गेलवेनोमीटर (करंट मापने का यंत्र) को स्टील की थाली और तांबे के लोटे से जोड़ने पर उसमें उत्पन्न करंट का मीटर पर देखने का अनुभव ले रहे हैं। बिना बैटरी के करंट कैसे आया, इस पर सभी मिलकर रिसर्च कर रहे हैं। इन घरेलू वस्तुओं का उपयोग : प्लास्टिक बोतल, बेलन, चिमटा, थाली, लोटा-ग्लास, पाइप, सेलोटेप, लकड़ी बॉक्स, माचिस, प्लास्टिक कंटेनर सहित अन्य। अन्वेषिका लैब के परिणाम आने वाले समय में दिखेंगे। कॉलेज के एक कक्ष में इसे शुरू किया गया है। शुरुआत में कार्यशालाओं
आयोजन कर रहे हैं। कॉलेज के साथ स्कूलों के विद्यार्थियों को भी जोड़ा गया है।
प्रदेश की तीसरी तथा बीकानेर की पहली
डूंगर कॉलेज की सुगम अन्वेषिका लैब के नेशनल कॉर्डिनेटर पद्मश्री प्रोफेसर हरीश चंद्र वर्मा हैं। इस लैब में विद्यार्थी बहुत कुछ बुनियादी चीजें सीख सकेंगे। प्रदेश में ऐसी तीन, बीकानेर संभाग में इकलौती लैब है।
अन्वेषिका लैब का यह उद्देश्य
सैद्धांतिक समझ के साथ प्रायोगिक समझ उत्पन करना।
तर्क, कल्पना तथा विश्लेषण की क्षमता विकसित करना।
विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनाना, नए शोध के लिए प्रेरित करना ।
- नई शिक्षा नीति के अनुरूप अभिव्यक्ति व विश्लेषण कौशल विकास करना।….


