पतंगबाजी से लोगों की गर्दन और नाक कटी, बच्चे की मौत…..










जयपुर में पतंगबाजी के दौरान सोमवार को एक बच्चे की मौत हो गई। 13 साल का रिंकू शर्मा शाम करीब 6 बजे पतंग उड़ाते वक्त छत से गिर गया। जो जयपुर के तूंगा प्रेमपुरा भटेरी का रहने वाला था।
हादसे के बाद परिजन रिंकू शर्मा को एसएमएस लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, रविवार और सोमवार को कुल 82 लोग घायल हो गए। सोमवार सुबह 8 बजे तक पतंगबाजी के दौरान 58 लोग घायल हो गए। इनमें 29 मांझे के कारण अस्पताल पहुंच गए। 2 को भर्ती कर लिया गया। 16 लोग छत से गिर गए। इनमें से तीन के सिर और सीने में चोट आई है। तीनों को अस्पताल में भर्ती किया गया। सोमवार को भी दिन भर पेशेंट का आना जारी रहा। इनमें किसी की नाक कट गई, हाथ-पैर की हड्डी टूट गई। सोमवार सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक 24 पेशेंट पतंगबाजी के कारण हादसे का शिकार हुए। इनमें 9 पेशेंट मांझे से हादसे का शिकार हो गए। इनमें 6 को भर्ती किया गया है। इनमें 13 साल का रिंकू शर्मा भी शामिल था, जिसकी मौत हो गई।
एसएमएस हॉस्पिटल के न्यूरो डिपार्टमेंट में सीनियर रेजिडेंट अर्पित गोयल ने बताया- रविवार को हमारे पास ट्रॉमा वार्ड में लगभग 60 के आसपास पेशेंट आए। इसमें से 10 से 15 पेशेंट काफी क्रिटिकल थे। इनमें से कुछ पेशेंट को आइसीयू में भी रखा गया है। वेंटिलेटर पर भी हैं। कुछकी सिर की हड्डी भी टूटी है। ये अभी क्रिटिकल कंडिशन में हैं। घायलों में 5 से 10 साल के बच्चे भी शामिल हैं। जो छत से गिर गए। जयपुर के सुभाष चौक में रहने वाले दशरथ शर्मा (23) की गर्दन मांझे से टक गई। हेलमेट लगाने के बावजूद हादसा हो गया। पेशेंट के परिजन सुरेंद्र ने बताया- दशरथ हमारी दुकान पर पार्ट्स बेचने का काम करता है। किसी काम से ट्रांसपोर्ट नगर गया था। इस दौरान हादसा हो गया। इससे गले में 6 टांके आए हैं। काफी खून भी बह गया। जब यह हादसा हुआ, उस वक्त दशरथ अकेला था। घायल अवस्था में इसे किसी ऑटो वाले ने एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचाया। उसके बाद परिजनों को इस हादसे की सूचना दी। वहीं, जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर में रहने वाले मोहम्मद तज्जुद्दीन एक्टिवा से दुकान के लिए निकले थे। रास्ते में मांझे से नाक कट गई।
निवारू रोड लालचंदपुरा की रहने वाली राधिका (9) छत पर पतंग लेने के लिए रेलिंग से झुक रही थी। इस दौरान दूसरी मंजिल से पहली मंजिल पर गिर गई। इसके सिर में चोट लगी। डॉक्टर्स ने इसे 24 घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन में रखा है। चाकसू की रहने वाली अलीना (7) पतंग देखने के चक्कर में छत से गिर गई। अलीना की मां ने बताया- बेटी के सीधे हाथ की हड्डी टूट गई है। जब यह हादसा हुआ छत पर कोई नहीं था। पतंग देखने के चक्कर में नीचे गिर गई। इसके चेहरे पर भी काफी चोट लगी है। टोंक का रहने वाला युवान (5) भी सीढ़ियों पर गिरा। युवान पतंग उड़ा रहा था। छत पर रेलिंग थी, लेकिन सीढ़ी की जगह पर रेलिंग नहीं थी। जहां से सीधे नीचे गिरा। इसके आंख और सिर में गहरी चोट आई है। सलेमपुरा की रहने वाली तनवी (9) छत से गिर गई। इससे सिर में काफी चोट आई है।
पतंग हादसे में बेजुबान पक्षी भी घायल हुए। पक्षी चिकित्सालय जयपुर के संस्थापक कमल लोचन ने बताया- शहर के अलग अलग इलाकों में हमारे 45 कैंप लगाए गए थे। यह कैंप 13, 14 और 15 जनवरी को लगाए गए। इन तीन दिनों में 922 पक्षी हादसे के शिकार हुए। जो हमारे कैंप तक पहुंचे। इसमें 47 बर्ड्स की मौत हुई। हादसे के शिकार पक्षियों में बाज, तोते,, उल्लू और सफेद कबूतर रहे।

