Bikaner : हृदय रोगियों और वायरल इंफेक्शन फैला, पीबीएम में 65 जीवन रक्षक दवाओं की कमी….










बीकानेर हृदय रोगियों और वायरल संक्रमण सहित विभिन्न बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन पीबीएम में उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को बाजार से 250 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की दवा खरीदनी पड़ रही है.
चीन में बच्चों में फैल रही रहस्यमयी बीमारी के अलर्ट के बाद पीबीएम अस्पताल प्रशासन ने इनफ्लूएंजा की दवाओं का तीन माह का स्टॉक बना लिया है, लेकिन करीब दस दिन से हृदय और वायरल संक्रमण समेत विभिन्न बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली 65 प्रकार की दवाओं की कमी है। . है।
मरीजों को दिल के दबाव को कम करने के लिए इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन निकोरंडिल और दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाला डिल्टियाजेम बाजार से खरीदना पड़ता है। इसी तरह सर्दी-जुकाम के इलाज के लिए सोडियम वैल्प्रोएट, एसाइक्लोविर, एंटी-वायरल, कैल्शियम और माइक्रो आईवी सेट भी वार्डों में उपलब्ध नहीं है। खांसी के लिए दी जाने वाली कफ सिरप की भी कमी है. पीबीएम अस्पताल के गोदाम में 1800 प्रकार की दवाओं का भंडार है, लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण आए दिन दवाओं की कमी हो रही है.
हार्ट हॉस्पिटल में सिर्फ एक डीडीसी, मरीज होते हैं परेशान हल्दीराम मूलचंद हार्ट हॉस्पिटल में रोजाना 150 से ज्यादा मरीज आते हैं, लेकिन दवा वितरण केंद्र पर सिर्फ एक ही काउंटर होने के कारण उन्हें एक से दो घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. हृदय रोगियों के लिए बैठने की कोई सुविधा नहीं है। पुरानी गिन्नाणी निवासी मोहन सिंह शेखावत दवा लेने आए थे। चूंकि कतार लंबी थी इसलिए हम जमीन पर बैठ गये. पूछने पर बोले- मैं दिल का मरीज हूं। ज्यादा देर तक खड़ा नहीं रह सकता. सभी दवा वितरण केंद्रों पर यही स्थिति है। वहां हर दिन मरीजों की लंबी कतार लगती है. बुजुर्गों और महिलाओं को भी घंटों खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है।
पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने बुधवार को पीबीएम अस्पताल का जायजा लिया। उन्होंने अधीक्षक और प्राचार्य से मुलाकात की. सीटी-एमआरआई, सोनोग्राफी आदि जांचों के लिए मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करने पर नाराजगी जताई और जांच उसी दिन करने को कहा। उन्होंने जिला अस्पताल में एक्स-रे मशीन लगाने सहित पीबीएम अस्पताल की समस्याओं पर चर्चा की। हार्ट हॉस्पिटल के चक्कर लगाए। गौरतलब है कि के बुधवार के अंक में पीबीएम में मुफ्त सीटी-एमआरआई जांच के लिए अब अधीक्षक के हस्ताक्षर जरूरी, लोड बढ़ने से सिस्टम पर भटक रहे मरीज शीर्षक से अव्यवस्था को उजागर किया था।

