Bikaner :जिले के 820 बूथों पर लाइव वेबकास्टिंग….










बीकानेर विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 25 नवंबर को होगा। सातों विधानसभा क्षेत्रों के कुल 1640 में से 50 फीसदी यानी 820 बूथों पर लाइव वेबकास्टिंग होगी। इन बूथों पर मतदान प्रक्रिया पर कैमरे से नजर रखी जाएगी.
जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर राज्य निर्वाचन आयोग तक इन बूथों पर मतदान प्रक्रिया को लाइव देख सकेंगे. प्रदेश भर के 50 फीसदी बूथों पर 26 हजार से ज्यादा कैमरे लगाए जाएंगे. कोलायत विधानसभा को सर्वाधिक संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है. करीब 250 बूथों पर लाइव वेबकास्टिंग होगी. अन्य विधानसभाओं में बूथों की संख्या 50 से 100 के बीच है. उन जगहों पर बूथ चिह्नित किये गये हैं जहां नेटवर्किंग की व्यवस्था है. सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम एक निजी एजेंसी को सौंपा गया है. लाइव प्रसारण की जिम्मेदारी आईटी विभाग की होगी. इन बूथों पर तीन स्तर पर निगरानी की व्यवस्था होगी. इन बूथों पर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्य निर्वाचन आयोग जयपुर मतदान प्रक्रिया को लाइव देख सकेंगे. जिला निर्वाचन अधिकारी भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि सातों विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न मतदान केन्द्रों के कक्षों के माध्यम से सतत निगरानी की व्यवस्था की गई है।
राजनीतिक दलों तथा अभ्यर्थियों के आपराधिक मामलों की सूचना को राष्ट्रीय व स्थानीय समाचार पत्रों एवं टीवी चैनल्स में अनिवार्य रूप से प्रकाशित प्रसारित करवाना होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि अभ्यर्थियों एवं राजनैतिक दलों को सी-1 एवं सी-2 प्रारूप में प्रकाशन की तीन बार करवाना होगा।
प्रथम प्रकाशन 10 नवंबर से 13 नवंबर के बीच, द्वितीय प्रकाशन 14 नवंबर से 17 नवंबर के बीच तथा तृतीय प्रकाशन 18 नवंबर से चुनाव प्रचार की अंतिम तिथि तक ( 23 नवंबर तक) करवाना होगा। ये प्रकाशन ऐसे राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र जिनकी प्रसार संख्या 75 हजार प्रतिदिन हो तथा स्थानीय समाचार पत्र जिसकी प्रतिदिन 25 हजार प्रतियां प्रकाशित है। इसी प्रकार विभिन्न टीवी चैनल में भी इनका प्रसारण करवाना होगा, जिसकी समयावधि सुबह 8 से रात्रि 10 बजे के बीच है। प्रसारण समय न्यूनतम 7 सैकंड का होगा। उन्होंने बताया कि आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले अभ्यर्थियों को उम्मीदवार बनाने वाले राजनीतिक दलों को भी अभ्यर्थी के चयन से 48 घंटे के भीतर यह प्रकाशित करने के निर्देश है कि उनके द्वारा आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले व्यक्ति को ही उम्मीदवार क्यों चुना गया है। इस प्रकाशन की सूचना ऐसे राजनैतिक दलों को प्रारूप सी-8 में 72 घंटे के भीतर भारत निर्वाचन आयोग को भी प्रेषित किया जाना आवश्यक होगा।

