कोटा से 10 गुना ज्यादा सुसाइड केस जयपुर में:


जयपुर शहर में सुसाइड के केसेज लगातार बढ़ने से नई चुनौती सामने आ गई है। गंभीर स्थिति का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि कोटा में जहां हर महीने औसतन तीन छात्र मौत को गले लगा रहे हैं, वहीं जयपुर जिले में हर दिन एक मौत हो रही है। फर्क यह है कि कोटा में जहां छात्र पढ़ाई के तनाव के कारण सुसाइड कर रहे हैं वहीं जयपुर में अधिकांश मामलों में अवसाद, मानसिक तनाव जैसे कारण सामने आए हैं।


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