ट्रक-कंटेनर में युवक के जिंदा जलने में बड़ा खुलासा










बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में जिस ट्रक-कंटेनर में ड्राइवर जिंदा जल गया था, वो हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। हत्या का आरोप भी किसी और पर नहीं बल्कि मृतक के चाचा पर लग रहा है। घटना स्थल और आसपास के ढाबों पर पुलिस की पूछताछ के बाद चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस को शक है कि चाचा ने ही अपने भतीजे को केबिन में जिंदा जला दिया और बाद में फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास चल रहे हैं। ट्रक में पवन और उसका भतीजा सुशील था। सुशील की लाश पुलिस को मिल चुकी है। एडिशनल एसपी (ग्रामीण) प्यारेलाल शिवरान ने बताया कि घटना का पता चलने के बाद पुलिस ने ट्रक नंबर के आधार पर मालिक का पता लगाया। तब जानकारी में आया कि बीछवाल में स्थित एक भुजिया फैक्ट्री से चाचा-भतीजा दोनों माल लोड करके ले गए थे। उन्हें आसान में ये सामान पहुंचाना था। जब सामान लोड किया गया, तब एक शख्स नजर आया। दूसरा ट्रक में ही बैठा था। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर के घर पर संपर्क किया तो पता चला कि चाचा-भतीजा दोनों ट्रक में थे। इसके बाद पुलिस को शक हुआ कि दूसरा शख्स कहां है? इस पर आसपास के ढाबों में पूछताछ की गई। इसी दौरान पता चला कि दोनों के बीच विवाद हुआ था। ढाबे पर भी दोनों आपस में झगड़े थे। तब पुलिस ने मृतक सुशील के मोबाइल पर कॉल किया। घंटी बज रही थी। लोकेशन भी घटना स्थल से करीब बीस किलोमीटर दूर ही आ रही थी। पुलिस ने मोबाइल बरामद कर लिया।

