स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से नहीं बदली जयपुर की सूरत:


जयपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की डेडलाइन एक साल बढ़ चुकी है, यानी स्मार्ट वर्क के लिए एक साल और मिल गया। शहर में स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट्स की नींव 25 जून 2016 को रखी गई थी

इसके तहत शहर में 137 प्राेजेक्ट्स 2019 के आखिरी तक पूरे करने थे, लेकिन ग्राउंड पर 666.26 कराेड़ रुपए खर्च कर 118 काम ही पूरे हुए। जाे काम हुए इनमें से ज्यादातर विधायकाें के सिफा​रिशी हैं।

जबकि, इन्हें विधायक काेष से नगर निगम काे पूरा करवाना था। इसके अलावा 238 कराेड़ रुपए के 19 प्राेजेक्ट अब तक अधूरे हैं।

जयपुर में 1 हजार कराेड़ रुपए खर्च किए जाने थे, इनमें से 904.50 कराेड़ स्मार्ट सिटी कंपनी काे मिल चुके हैं। देरी की वजह- स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा 3 बार कंसलटेंट का बदला जाना है।

चाैगान और चांदपाेल बाजार में मल्टीलेवल पार्किंग बनी, 9 में से केवल 2 बाजाराें में सड़क, फुटपाथ बनी, बाकी काे इंतजार; शहर में स्मार्ट सिटी के तहत पब्लिक यूटिलिटी के बड़े प्राेजेक्ट केवल 10 ही हैं। स्मार्ट सिटी में सबसे बड़ा काम पार्किंग और सड़क चाैड़ाई काे लेकर हुआ है।

चौगान स्टेडियम और चांदपोल बाजार में मल्टीलेवल पार्किंग बनाई गई है। दो बाजार किशनपोल तथा चांदपोल की सड़क व फुटपाथ बनाकर यू​टिलिटी डक्टिंग बिछाई गई है। इसके अलावा शहर में रंगरोगन किया गया। स्मार्ट सिटी याेजना में चारदीवारी के 9 बाजाराें काे स्मार्ट बनाना था, लेकिन काम सिर्फ किशनपोल-चांदपोल में ही हुआ। 7 बाजाराें में अब तक काेई काम नहीं हुआ है।


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