जिसे मरा समझ छोड़ा उसने दिलाई सजा










जोधपुर शहर में हुए सामूहिक हत्याकांड के मामले में 5 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिस 8 साल की बच्ची को बदमाशों ने मरा समझकर छोड़ दिया था, उसकी गवाही को आधार बनाकर अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने फैसला दिया है। 10 साल ट्रायल चलने के बाद इस केस में बुधवार को फैसला आया है।
जोधपुर शहर में साल 2013 में सामूहिक हत्याकांड हुआ था। लूट के मकसद से घर में घुसकर परिवार पर धारदार हथियारों से हमला कर 5 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था।। इस हमले में पति-पत्नी, 2 बुजुर्ग महिला और 2 साल के मासूम की जान ले ली गई थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या 2, जोधपुर महानगर के जज प्रवीण कुमार मिश्रा ने बुधवार को फैसला सुनाया है। 10 साल पहले महादेव नगर, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में 4 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भावेश उर्फ बंटी, सुनील, कमल वैष्णव, मनीष पंवार और अनिल उर्फ भाया को कोर्ट ने दोषी माना है। इन्हें आजीवन कारावास समेत अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाने के अलावा जुर्माना भी लगाया है।

