Bikaner पुलिस को खुली चुनौती दे रहे साइबर ठग…..










बीकानेरजिले में साइबर थाना खुल चुका है, लेकिन पूरी तरह से काम नहीं कर पा रहा है। साइबर थाना जिले की साइबर सेल के सहारे टिका हुआ है। साइबर ठगी से संबंधित आने वाली शिकायतों का साइबर सेल ही निपटारा कर रही है।
जिला पुलिस की ओर से साइबर थाने में तैनात पुलिसकर्मियों व अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। हाल ही में जयपुर में भी प्रशिक्षण दिया गया। साइबर थाने में कम और साइबर सेल में शिकायतें अधिक आ रही हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने साइबर थाने का भवन नहीं होने तक कोतवाली थाना परिसर में वैकल्पिक तौर पर चालू कर रखा है। थाने में पुलिसकर्मी व अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं, लेकिन संसाधनों का अभाव है। साइबर एक्सपर्ट की कमी है, जिस कारण ऑनलाइन धोखाधड़ी व ब्लैकमेलिंग के मामले निपट नहीं पा रहे हैं।
साइबर सेल में आने वाली शिकायतें साल दर साल लगभग दोगुनी होती जा रही हैं। फोन पर धमकी, फर्जी नाम से सोशल मीडिया का इस्तेमाल, एटीएम पिन पूछना, एटीएम कार्ड बदलकर पैसा निकालना, बिजली का बिल, बातों में उलझा कर धोखाधड़ी करने समेत अन्य शिकायतों का साइबर सेल में ढेर लगा है। साइबर थाना कोतवाली थाना परिसर में संचालित है। वर्तमान में अधिकारी व पुलिस जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साइबर ठगी के कई बड़ेमामलों का जिला पुलिस ने निस्तारण किया है।ये ठगी सबसे ज्यादा साल 2021 में साइबर ठगी की करीब 500, वर्ष 2022 में 780 और वर्ष 2023 में शिकायतें बढ़ कर 800 के करीब हो गई। इनमें सबसे ज्यादा कार्ड क्लोनिंग, एटीएम पिन, ओटीपी, ऑनलाइन शॉपिंग, अकाउंट हैकिंग, ऑनलाइन नौकरी, लोन ऑफर, गाड़ी खरीदने-बेचने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीदारी, ओएलएक्स पर खरीदारी, एनी डेस्क एप समेत अन्य तरह की ठगी के मामले शामिल थे।

