बीकानेर की विभूतियों का राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान


बीकानेर की विभूतियों का राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
बीकानेर की महान विभूतियों ने एक बार फिर अपने अद्वितीय योगदान से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। जयपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस समारोह और दिल्ली के राजघाट पर अहिंसा समरसता अवार्ड के अवसर ने बीकानेर का गौरव और भी बढ़ा दिया है।

राज्य स्तरीय सम्मान:
जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा बीकानेर के कई वरिष्ठ नागरिकों को उनके विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान का उद्देश्य समाज के उन वरिष्ठ नागरिकों की सेवाओं को मान्यता देना है, जो समाज सेवा, साहित्य, और कला में अग्रणी रहे हैं।

सम्मानित व्यक्तित्व:


कृष्णकुमार शर्मा – वास्तु एवं शिल्प कला और वैदिक वांग्मय के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान को मान्यता देते हुए सम्मानित किया गया। कृष्णकुमार शर्मा न केवल वास्तुशास्त्र के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं, बल्कि भारतीय गुरुकुल परंपरा के संरक्षक भी रहे हैं।

श्यामसुंदर सोनी – समाज सेवा के क्षेत्र में अपने अभूतपूर्व योगदान के लिए, उन्हें उनके सार्वजनिक सामाजिक सेवाओं के लिए पुरस्कृत किया गया। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों के लिए अनवरत काम किया है।

डॉ. जगदीश बारहठ – गरीब और असहाय वर्ग को मेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराने में उनकी सेवा का सम्मान किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उनका योगदान उन्हें एक विशेष स्थान प्रदान करता है।

मोहम्मद जफर भाटी – गरीब, असक्षम और कमजोर बच्चों को मुफ्त सुविधाएं प्रदान करने के लिए उनकी सेवाओं को भी सराहा गया। भाटी ने शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया है।

राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान:
दिल्ली के राजघाट पर 2 अक्टूबर, 2024 को गांधी जयंती के अवसर पर बीकानेर के प्रसिद्द वास्तुविद और समाज सेवक, कृष्णकुमार शर्मा को राष्ट्रीय समता स्वतंत्र मंच द्वारा अहिंसा समरसता अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके वास्तुशास्त्र और समाज सेवा में किए गए महत्वपूर्ण योगदान के लिए है। उनके गुरुकुल परंपरा में किए गए कार्यों ने उन्हें एक विशेष पहचान दिलाई है। यह अवार्ड न केवल उनके लिए, बल्कि बीकानेर के लिए भी गर्व का विषय है।


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