बीकानेर में तीरंदाजी का नया इतिहास: प्रियांशी स्वामी ने जीते 5 गोल्ड











68 वीं ज़िला स्तरीय तीरंदाज़ी प्रतियोगिता
बीकानेर की धरती पर तीरंदाजी की परंपरा सदियों से विद्यमान है। यह केवल एक खेल नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए सपनों की ऊँचाई छूने का माध्यम है। हाल ही में आयोजित 68वीं ज़िला स्तरीय तीरंदाज़ी प्रतियोगिता ने इस खेल की गरिमा को और बढ़ाया। इस बार बीकानेर के खिलाड़ियों ने नए रिकॉर्ड स्थापित किए और अपने कौशल का लोहा मनवाया। क्या हैं इस प्रतियोगिता के मुख्य आकर्षण और खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ? आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में।
प्रतियोगिता का विवरण
68 वीं ज़िला स्तरीय तीरंदाज़ी प्रतियोगिता का आयोजन रा. उ. मा. विद्यालय, नत्थूसर गेट बीकानेर में हुआ। इस प्रतियोगिता में अंडर 17 और अंडर 19 श्रेणी के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में तीरंदाज़ों ने अपने अद्वितीय कौशल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रियांशी स्वामी की उपलब्धियाँ
इस प्रतियोगिता में अंडर 17 श्रेणी (रिकर्व) की तीरंदाज़ प्रियांशी स्वामी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 70, 60, 50 और 30 मीटर में चार गोल्ड मेडल जीते। इसके साथ ही, उन्होंने ओवरऑल में भी एक गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनकी इस सफलता ने बीकानेर को तीरंदाजी के क्षेत्र में और भी प्रमुखता दिलाई। प्रियांशी की मेहनत और लगन ने सभी को प्रेरित किया है।
गौरवादित्य सिंह राठौड़ का प्रदर्शन
अंडर 19 श्रेणी में गौरवादित्य सिंह राठौड़ ने भी अपना जौहर दिखाते हुए 70, 60, 50, और 30 मीटर में एक सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते। उनके प्रदर्शन ने यह स्पष्ट किया कि बीकानेर के युवा खिलाड़ियों में संभावनाएँ कितनी प्रबल हैं।
गौरांग भोजक की सफलता
अंडर 17 श्रेणी (कंपाउंड) में गौरांग भोजक ने चौथे स्थान के साथ स्टेट में जगह पक्की की। यह न केवल उनके लिए, बल्कि उनके प्रशिक्षकों के लिए भी गर्व का क्षण था। गौरांग ने अपनी मेहनत से यह साबित किया कि वे भविष्य में और भी उच्च स्थान प्राप्त कर सकते हैं।
कोचों की भूमिका
इन सभी खिलाड़ियों की सफलता में उनके कोचों का भी बड़ा योगदान रहा। कोच मुकेश सुथार और राम स्वामी ने न केवल खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि उन्हें सही तकनीक और मानसिकता के साथ खेलने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को बताया कि हर जीत और हार से सीखना जरूरी है, जिससे वे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
सार्दूल क्लब का योगदान
सार्दुल क्लब के सचिव हनुमान सिंह राठौड़, अध्यक्ष तेज अरोड़ा, और तीरंदाजी अध्यक्ष अजय सिंह भटनागर ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी और क्लब के प्रति उनके समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ती है और उनकी प्रतिभा को निखारने का मौका मिलता है।
समापन समारोह का महत्व
प्रतियोगिता का समापन समारोह विशेष रूप से महत्वपूर्ण था। इसमें सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और उनके प्रयासों को सराहा गया। यह समारोह एक ऐसा मंच था जहाँ खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और संघर्ष की कहानी साझा की।
बीकानेर की तीरंदाजी प्रतियोगिता ने न केवल खिलाड़ियों की प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि इस खेल की परंपरा को भी मजबूत किया है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से नए प्रतिभागियों को मौका मिला है, और यह उम्मीद की जाती है कि भविष्य में वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपने शहर का नाम रोशन करेंगे।

