छात्र-छात्राओं को पुलिस ने दी साईबर अपराध की जानकारी










नालंदा पब्लिक स्कूल में आयोजित हुई वर्कशॉप
पिछले कुछ समय से देशभर में बड़ी संंख्या में विभिन्न तरीकों से साइबर धोखाधड़ी की जा रही है। इससे निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय साइबर क्राइम, राजस्थान द्वारा चलाये जा रहे साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत महानिरीक्ष पुिलस बीकानेर रेंज ओमप्रकाश व जिला पुलिस अधीक्षक तेजिस्वनी गौतम के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुिलस अधीक्षक शहर दीपक शर्मा के सुपरिवजन में एवं साइबर थाना बीकानेर प्रभारी मानाराम गर्ग आरपीएस के नेतृत्व में साइबर थाना टीम द्वारा निंरतर साइबर जनजागृित अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम 20 सितंबर को नालंदा पब्लिक स्कूल बीकानेर में साइबर सुरक्षा से संबंधित वर्कशॉप आयोजित की गई। इव वर्कशॉप में स्कूल में अध्ययन करने वाले छात्र और छात्राओं, अध्यापक-अध्यापिकाओं ने भाग लिया। गोविंद व्यास पुलिस निरीक्षक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बताया और उन्होंने कहा कि इसका साइबर अपराध में किस प्रकार प्रयोग हो सकता है। गोविंद व्यास ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट एंव गंभीर समस्या है जो किसी को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने ऑनलाइन सुरक्षा के लिए जागरूक रहें और सावधानी से अपने निजी डेटा का उपयोग करे। प्रोग्रामर शिव कुमार शर्मा द्वारा डिजिटल अरेस्ट के बारे में प्रेजेंटेशन, ऑनलाइन सुरक्षा के लिए टिप्स और सलाह, डिजिटल अरेस्ट के कारणों और परिणामों के बारे में चर्चा पीपीटी तथा अपने पेशेवर अनुभव के माध्यम से छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, सावधानियां तथा राहत तंत्र से अवगत कराया एवं साइबर अपराध होने की दशा में रखी जाने वाली सावधारियों तथा बचाव के उपाय भी बताए। टोल फ्री नंबर 1930, http://cybercrime.gov.in एवं मोबाइन नंबर 78770454980 पर हम किस प्रकार कार्य करत सकते हैं इसकी जानकारी दी। वर्कशॉप के अंत में छात्र और छात्राओं के विभिन्न प्रश्नों एवं आशंकाओं का समाधान किया गया। साथ ही उन्हें साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में करियर हेतु तैयारी तथा संभावनाओं के संदर्भ में मार्गदर्शन भी किया। संस्थान के हरि नारायण आचार्य ने इस प्रकार की वर्कशॉप को व्यक्तिगत और सामाजिक सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।
संस्था प्रधान राजेश रंगा ने जिला पुलिस एवं साइबर पुलिस स्टेशन का धन्यवाद ज्ञापित किया और ऐसी ही वर्कशॉप अभिभावकों के लिए भी आयोजित करने का अनुरोध किया। जिला अधीक्षक द्वारा साइबर सुरक्षा हेतु जारी पेंपलेट शाला को उपलब्ध करवाया गया।

