इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव चरम पर, लेबनान ने दागी 100 से अधिक मिसाइलें










मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है। हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने इलाके को आग की लपटों में घेर लिया है। हाल ही में लेबनान से इजरायल पर 100 से अधिक मिसाइलें दागी गईं, जिससे उत्तरी इजरायल के इलाकों में तबाही और दहशत फैल गई। इस आक्रमण के जवाब में इजरायली सेना ने भी जवाबी हमले किए हैं। यह संघर्ष अब एक खुले युद्ध की ओर बढ़ रहा है, जिसमें दोनों पक्ष अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं।
घटना का विवरण:
22 सितंबर 2024 को हिजबुल्लाह ने इजरायल के उत्तरी क्षेत्रों में 100 से अधिक मिसाइलें दागीं, जिसके बाद इजरायल के कई इलाकों में स्कूलों को बंद कर दिया गया और लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। इन हमलों से उत्तरी इजरायल के सैन्य ठिकानों और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, खासकर हाइफा और गोलान हाइट्स में। इस हमले के परिणामस्वरूप कई इमारतों को नुकसान हुआ और कारों में आग लग गई, लेकिन किसी के हताहत होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के इन हमलों का जवाब देते हुए कहा कि वे दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर करीब 400 से अधिक हमले कर चुके हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बढ़ते संघर्ष पर कहा कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह कदम उठाएगा।
हिजबुल्लाह का इजरायल पर हमला:
हिजबुल्लाह के डिप्टी लीडर नैम कासिम ने इस हमले को एक “खुली जंग” का हिस्सा बताया और कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक गाजा में युद्ध नहीं रुकता। कासिम ने इजरायल पर अप्रत्याशित और नए प्रकार के हथियारों से हमला करने की चेतावनी दी है। हिजबुल्लाह ने इजरायल के रमत डेविड एयरबेस और अन्य सैन्य स्थलों को भी निशाना बनाया। इजरायल ने दावा किया कि उसने एक बड़ा हमला रोकने में सफलता पाई है।
तनाव की पृष्ठभूमि:
यह संघर्ष अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ, जब हमास ने इजरायल पर हमला किया था और इस संघर्ष में हिजबुल्लाह ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। तब से, इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लगातार हमले जारी हैं। इजरायल का कहना है कि वह तब तक अपनी कार्रवाई जारी रखेगा जब तक कि उसके उत्तरी क्षेत्र सुरक्षित नहीं हो जाते।

