स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 प्रदेश और जिले दाेनाें के लिए ही अच्छा नहीं रहा…….










स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 प्रदेश और जिले दाेनाें के लिए ही अच्छा नहीं रहा। पिछले साल के मुकाबले दाेनाें की ही रैकिंग में गिरावट आई है।
बीकानेर नगर निगम ने इस बार देशभर में 342वीं रैंक ताे प्रदेश में 18वीं रैंक हासिल की है। यह जानकारी जिसे भी मिली, वह विचलित जरूर हुआ, दुख भी हुआ मगर इस बीच एक अच्छी खबर भी है। जहां एक लाख आबादी वाले शहराें में डूंगरपुर का नाम आ रहा है वहीं नाेखा भी इसमें पीछे नहीं है। नाेखा ने भी एक लाख की आबादी वाले शहराें की है सूची में नाथद्वारा के बाद तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं 50 हजार से एक लाख तक की आबादी वाले शहराें की सूची में नाेखा पालिका ने प्रदेश में पहला और प्रदेश में 69वां स्थान प्राप्त किया है। यह जानकारी शुक्रवार काे नगरपालिका अध्यक्ष नारायण झंवर ने पालिका कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दाैरान दी।
उन्होनें बताया कि 50 हजार से 1 लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में नोखा शहर ने राजस्थान प्रदेश में प्रथम स्थान एवं देशभर में 69वां स्थान प्राप्त किया है। इस प्रकार प्रथम श्रेणी में एक लाख तक आबादी वाले शहरों में नोखा शहर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है एवं डूंगरपुर ने प्रथम, नाथद्वारा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। द्वितीय श्रेणी में 50 हजार से एक लाख तक आबादी वाले शहरों में डूंगरपुर एवं नाथद्वारा शामिल नही है क्योंकी दोनों शहरों की आबादी 50 हजार से कम है। झंवर ने बताया कि डूंगरपुर द्वारा 5400.13 एवं नाथद्वारा 5384.5 अंक प्राप्त किए तथा नोखा शहर को 4164 अंक प्राप्त हुए हैं। अगर एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों से नम्बरों की तुलना की जाए तो जयपुर हैरिटेज द्वारा 4685.5, जयपुर ग्रेटर द्वारा 4679.6 एवं उदयपुर द्वारा 4230.2 अंक प्राप्त किए गए है, जिनके नम्बर नोखा शहर से अधिक है।
इसके अलावा 29 शहरों ने नोखा शहर के 4164 अंकों से कम अंक प्राप्त किए हैं। जैसे जोधपुर साउथ 4106.4, अजमेर 4064.4, कोटा नॉर्थ 3749.1, कोटा साउथ 3630.7, भरतपुर 3283.5, जोधपुर नॉर्थ 3128.8, बीकानेर 2748.4, हनुमानगढ 2341.3 सहित कुल 29 बड़े शहर ने नोखा शहर से कम अंक प्राप्त किए हैं। इस उपलब्धि पर पालिकाध्यक्ष ने नोखावासियों को बधाई देते हुए कहा, यह समस्त नोखावासियों के लिए एक गर्व का विषय है। सभी के सहयोग से ही नोखा नगरपालिका ने इस उपलब्धि को हासिल किया है। उन्हाेंने नोखावासियों से अपील की कि वे आगे भी नोखा शहर को स्वच्छ बनाने में नगरपालिका नोखा की ओर से किए जा रहे कार्यों में सहयोग प्रदान करें तथा देशभर में नोखा को ओर उच्च्तम रैंक दिलाने में सहयोग करें।
स्वच्छता समिति अध्यक्ष एवं पालिका उपाध्यक्ष निर्मलकुमार भूरा ने बताया कि नगरपालिका नोखा द्वारा अच्छी रैंक प्राप्त की गई है लेकिन इसको और बेहतर करने के लिए उक्त सर्वेक्षण में सामने आई कमियों को दूर करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व अध्यक्ष एवं पार्षद डॉ. सीताराम पंचारिया, पार्षद अंकित तोषनीवाल भी उपस्थित थे।
पालिका झंवर ने बताया कि नोखा शहर को घर-घर कचरा संग्रहण में 97 प्रतिशत अंक, आवासीय क्षेत्र में सफाई कार्य में 98 प्रतिशत अंक, मार्केट एरिया में सफाई कार्य में 98 प्रतिशत अंक एवं सार्वजनिक शौचालय सफाई में 100 प्रतिशत प्राप्त हुए है। गीला एवं सूखा कचरा पृथक्करण में नगरपालिका नोखा को अंक नही मिले है। इसलिए सभी शहरवासियों से अपील की जाती है कि अपने घरों में दाे रंग के कचरा पात्र रखे। गीले कचरे के लिए हरा एवं सूखे कचरे के लिए नीले रंग का। इसमें कचरा एकत्रित करें एवं घर-घर कचरा संग्रहण में लगे वाहनों में ही कचरा डालें। इससे 2024 में होने वाले सर्वेक्षण में नगरपालिका नोखा को कचरा पृथक्करण में भी अंक मिल सके, जिससे शहर की रैंक उच्चतम आ सकेगी।

