सुजानदेसर: गोचर की सौ हेक्टेयर भूमि अब लाखों हरे-भरे पौधों से लहलहाएगी..










सुजानदेसर गोचर भूमि पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित हो रहे पानी से पौधे पनप रहे हैं। गोचर भूमि की करीब सौ हैक्टेयर जमीन पर एक लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के तहत सघन पौधरोपण का कार्य चल रहा है।
नगर निगम पौधों की सुरक्षा के लिए 35 लाख रुपए की लागत से सात किलोमीटर लंबी फेंसिंग का निर्माण करवा चुका है। गोचर भूमि पर इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्यरत श्रमिकों के माध्यम से पौधरोपण का कार्य चल रहा है। इस साल एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निगम की ओर से इस गोचर भूमि में पौधरोपण को लेकर आवश्यकता पड़ने पर और फेंसिंग बढ़ाई जा सकती है।
पौधों में नीम, खेजड़ी, टाली, शीशम, सहजन आदि शामिल
नगर निगम के अधिशासी अभियंता राजीव गुप्ता के अनुसार सुजानदेसर गोचर भूमि पर अब तक विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के बीस हजार से अधिक पौधे लगाए जा चुकी है। विभिन्न प्रजातियों में नीम, खेजड़ी, टाली, शीशम, सहजन, बोरटी, आंवला आदि पौधों की प्रजातियां प्रमुख हैं। सौ हैक्टेयर भूमि की फेंसिंग एरिया में ग्वारपाठे सहित विभिन्न प्रकार के पुष्पों के पौधे लगाने की भी योजना है।
सुजानदेसर गोचर भूमि पर जिस स्थान पर एक लाख पौधों के पौधरोपण का कार्य चल रहा है, उसके नजदीक सुजानदेसर एसटीपी है। पाइप लाइन के माध्यम से एसटीपी से शोधित पानी पौधरोपण स्थल पर लाया गया है। इसी पानी से पौधे पनप रहे हैं। सुजानदेसर गोचर क्षेत्र में अब पानी की भरपूर मात्रा है व पौधरोपण के लिए पर्याप्त स्थान है। सरकार के आदेश अनुसार गोचर क्षेत्र में सघन पौधरोपण का कार्य पिछले दो महीनों से चल रहा है। न्यास ने अब तक एक भी पौधा नहीं लगाया सुजानदेसर गोचर क्षेत्र में नगर विकास न्यास को भी पौधरोपण करना है। न्यास की ओर से यहां अब तक पौधरोपण का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। न्यास लाखों रुपए खर्च कर फेसिंग का कार्य करवा चुका है, लेकिन पौधरोपण कार्य की शुरुआत अब तक नहीं की गई है।
सुजानदेसर गोचर भूमि पर सौ हैक्टेयर जमीन पर पौधरोपण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। सघन पौधरोपण से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण में फायदा मिलेगा। एसटीपी के शोधित पानी का लगातार उपयोग हो सकेगा। गोचर में भ्रमण कर रहे पशुओं को भी इससे लाभ मिलेगा। फेंसिंग से पौधे सुरक्षित रहेंगे।

