Bikaner: खियेरा से बीरमाना वाया खोखराणा जाने वाली 17 किमी रोड पर 12 किमी तक डामर गायब….










बीकानेर उपखंड के खियेरा से बीरमाना वाया लालेरा-खोखराणाजाने वाली सड़क काफी जर्जर हो गई है। करीब 30 साल पुरानी इस रोड पर जगह-जगह पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। गड्डे होने के कारण हर समय यहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
सड़क की इस स्थिति से नागरिक खासे नाराज हैं। कई बार संबंधित अधिकारियों के पास गुहार लगाने के बावजूद भी वर्षों से सड़क नहीं सुधर पाई है। कंकरीट निकली इस रोड पर दो किलोमीटर एरिया में तो मिट्टी आ चुकी है जिससे वाहन तो निकल ही नहीं सकते। लूणकरणसर ब्लॉक में सड़कों की जाल बिछा कर विकास के दावे किए जा रहे हैं। गांव-गांव में आवागमन के साधन के लिए सड़कें बनाई जा रहीं हैं।
देखरेख के अभाव एवं गुणवत्ता में कमी के चलते सड़कें पहले ही जर्जर हो रही हैं। ये सड़कें जनता के लिए परेशानी का सबब बनकर आए दिन दुर्घटना को आमंत्रित कर रही हैं। मजबूरी में जनता उन बदहाल सड़कों पर जान जोखिम में डाल कर यात्रा करने को मजबूर हो जाती है। इन सड़कों पर विकास का वादा करने वाले जनप्रतिनिधि भी यात्रा करते हैं। वे भी पद में आने के बाद अपने वादे भूल जाते हैं। वर्तमान में इस सड़क की हालत यह है कि कई स्थानों पर सड़क है या नहीं, इसका पता ही नहीं चलता।
सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। यह सड़क यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इस मार्ग पर प्रतिदिन दर्जनों वाहनों का आवागमन होता है। सानिवि के कनिष्ठ अभियंता का कहना है, विधानसभा चुनावों से पहले सङक पर आई मिट्टी हटाई गई थी। समय समय पर पेचवर्क किया भी और प्रस्ताव भेजते हैं स्वीकृति आते ही सड़क का डामरीकरण किया जाएगा। 12 किमी रोड पर नजर ही नहीं आता डामर : खियेरा से बीरमाना वाया खोखराणा रोड की लंबाई 17 किमी है। इसमें करीब 12 किमी रोड पर डामर ही नहीं है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जगह जगह मिट्टी भी आ गई है जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। बार-बार मांग के बाद भी नहीं सुधरी दशा: इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों को इस सड़क के सुधार करने की मांग की। ग्रामीण महेंद्र बताते हैं कि आज तक न तो सड़क सुधरी और न ही लोगों को राहत मिली। इसके कारण इस क्षेत्र के ग्रामीण व्यथित हैं। सड़क की उपेक्षा से यह साबित हो जाता है कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारी ऐसे मामलों में कितने संवेदनशील हैं। खियेरां से खोखराणा तक सड़क पर बने गड्ढे।

