Bikaner :साँसें थम रही बढे हार्ट अटैक मरीज….










बीकानेर प्रदेश में बढ़ती ठंड में दिल धोखा दे रहा है। इन दौरान कोरोनरी धमनियां सिकुड़ रही हैं। ऐसे में सामान्य व्यक्ति में भी दिल का दौरा पड़ने की आशंका 33 फीसदी तक बढ़ गई है और यदि कोई पहले से दिल का मरीज है तो उनकी समस्या गंभीर हो सकती है।
सर्दी बढ़ने के साथ ही पीबीएम से संबद्ध हल्दीराम मूलचंद कार्डियो वेसक्युलर सेंटर के आपातकालीन विभाग में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। हल्दीराम अस्पताल में रोजाना हार्ट अटैक के 20 से 30 मरीज पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों के मुकाबले यह आंकड़ा लगभग दोगुना है। इनमें 45 फीसदी मरीज कम उम्र के होते हैं, जिन्हें पहले हृदय से जुड़ी समस्या नहीं रही। अचानक सीने में दर्द हुआ और जांच के बाद दिल का दौरा पाया गया। ऐसे कई मरीज रोजाना अस्पताल पहुंचने से पहले और कुछ पहुंचने के बाद दम तोड़ रहे हैं।
ठंड बढ़ने के बाद इमरजेंसी में रोजाना 5 से 8 मरीज पहुंच रहे हैं। जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 3 से 5 तक रहती है। सर्दियों में किसी भी व्यक्ति को दिल का दौरा आने की आशंका करीब 33 फीसदी तक बढ़ जाती है। सर्दी बढ़ने पर ब्लड प्रेशर बढ़ता है। ब्लड प्रेशर भी हार्ट अटैक का कारण बनता है। हृदय रक्त वाहिनियों में कॉलेस्ट्रोल युक्त प्लेग के रेपचर होने से ब्लड क्लॉट बनकर हार्ट का संचालन बंद हो जाता है, जिससे हृदय घात होने का खतरा बढ़ जाता है। हृदय के अन्य मरीज कार्डियोमायो मैथी से पीड़ित हैं। उनमें हार्ट की पंपिंग पहले से कम होती है। सर्दियों में लंग्स में इंफेक्शन होने से हृदय की पंपिंग पर असर पड़ा है। हार्ट फैल्योर की स्थिति बना देता है।
लूणकरनसर तहसील क्षेत्र के 62 वर्षीय मनीराम को भी सांस में तकलीफ हुई। परिजन उन्हें लूणकरनसर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर गए, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। बताते हैं कि इन्हें भी हार्ट अटैक आया था।
पंवारसर कुआं क्षेत्र निवासी नंदकिशोर भाटी 15 अक्टूबर को पत्नी के साथ बाजार गए। वहां से लौटने के बाद साढ़े पांच बजे सांस में तकलीफ हुई। परिजन उन्हें पीबीएम अस्पातल के हार्ट हॉस्पिटल ले गए, जहां कुछ ही देर में उन्हें साइलेंट कार्डियक अरेस्ट हो गया और उनकी मौत हो गई।

