वाहनों की जांच के चलते दीपावली पर पटाखों की बिक्री कम हो पाई….










बीकानेर विधानसभा चुनावों के चलते चारों हाइवे पर चल रही वाहनों की जांच के चलते इस बार दीपावली पर पटाखों की बिक्री कम हो पाई। इस वजह से आगामी दिनों में आने वाले सावों के लिए व्यापारियों ने पटाखों के नए ऑर्डर नहीं दे रहे हैं।
शहरी क्षेत्र में इस बार पटाखों की दुकानों के अस्थाई लाइसेंस भी कम जारी किए गए। जबकि ग्रामीण इलाकों के व्यापारी नाकों पर चल रही वाहनों की चैकिंग के चलते पटाखों की कम ही खरीदारी कर पाए। ऐसे में इस बार दीपावली पर पिछले साल के मुकाबले तीस से पैंतीस प्रतिशत तक पटाखों की बिक्री में कमी रही। थोक विक्रेताओं के पास भी बड़ी मात्रा में स्टॉक बच गया है।
साढ़े चार करोड़ के तारे जमीं पर
गत वर्ष दीपावली पर सात करोड़ रुपए की आतिशबाजी हुई थी। जबकि इस बार यह राशि काफी कम रही। जबकि पटाखों के रेट पिछले साल के मुकाबले बढ़े थे। पटाखा व्यापारियों के अनुसार इस बार तीस से पैंतीस प्रतिशत कम बिक्री हुई है। अर्थात साढ़े चार करोड़ रुपए के करीब आतिशबाजी हुई है। व्यापारी विधानसभा चुनाव का असर मान रहे है। आसपास के ग्रामीण इलाकों के व्यापारी नकद रशि लेकर बाजार नहीं आए।
पटाखों की कम बिक्री का एक कारण जिला प्रशासन की ओर से पटाखा बिक्री के लिए जारी किए जाने वाले अस्थाई लाइसेंस भी रहे। शहरी क्षेत्र में इस बार अस्थाई लाइसेंस के लिए 306 व्यापारियों ने आवेदन किया। इनमें से 200 दुकानदारों को लाइसेंस मिले। ग्रामीण इलाकों में 150 लाइसेंस जारी किए गए थे। देवउठनी एकादशी से शादियों का सीजन शुरू होने से व्यापारी दीपावली के बाद शिवाकाशी स्थित पटाखों की फैक्ट्रियों में नया माल भेजने के ऑर्डर देते हैं। इस बार नया ऑर्डर नहीं दिया गया है। व्यापारियों का मानना है कि दीपावली के लिए मंगाया स्टॉक बच गया है, पहले उसे समाप्त करना है। इसके बाद नई डिमांड की जाएगी।

