कोटा एयरपोर्ट को लेकर कांग्रेस भाजपा में मचा धमसान….










ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में अड़चन बन रहे बिरला वाले बयान पर बीजेपी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर पलटवार किया है। बीजेपी विधायकों ने कहा कि तीन बार के मुख्यमंत्री को ऐसा बयान शोभा नहीं देता है।
साथ ही बीजेपी ने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट की राह में मंत्री शांति धारीवाल रोड़ा बन रहे है और धारीवाल ने ही सीएम गहलोत को ऐसा बयान देने के लिए मजबूर किया है। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के मुद्दे पर सीएम गहलोत के बयान के बाद बीजेपी विधायक संदीप शर्मा, मदन दिलावर और कल्पना देवी ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि गहलोत सरकार ने ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए भार रहित जमीन देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव के बाद भी सीएम गहलोत ने लोकसभा स्पीकर जैसे उच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का सम्मान नहीं किया और ना ही शब्दों की मर्यादा का ख्याल रखा। बीजेपी विधायकों ने कहा कि यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने ही सीएम गहलोत को झूठ बोलने पर मजबूर किया है। मुख्यमंत्री गहलोत भी इसलिए डरे हुए हैं कि कहीं ओम बिरला को कोटा एयरपोर्ट का क्रेडिट न मिल जाए। प्रदेश सरकार ने रिवर फ्रंट व सिटी पार्क ऑक्सीजोन के साथ ही कोटा को चौराहे व ट्रैफिक लाइट फ्री बनाने के लिए 5 हजार करोड़ रुपए खर्च कर दिए। लेकिन, जो कोटा एयरपोर्ट का मुख्य काम था, उसके लिए 106 करोड़ रुपए जारी नहीं किए जा रहे हैं।
कोटा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट भूमि का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम गहलोत ने गुरुवार को कहा था कि कोटा में एयरपोर्ट काफी जरूरी है। यह टूरिस्ट हब बनने जा रहा है। लेकिन, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पेट में दर्द हो रहा है, क्योंकि उन्हें यह डर सता रहा है कि कांग्रेस सरकार को एयरपोर्ट का श्रेय मिल जाएगा। इसके लिए वे लगातार अड़चन पैदा कर रहे हैं, जबकि वे चाहेंगे तो चंद दिनों में ही फाइल को आगे बढ़ा दिया जाएगा। गहलोत ने कहा था कि केंद्र सरकार अर्थात समुद्र है, उनके लिए 100 करोड रुपए मायने भी नहीं रखते। हमने मंत्रिमंडल में निर्णय लेकर नगर विकास न्यास कोटा द्वारा एयरपोर्ट अथॉरिटी को निशुल्क 34 हेक्टर भूमि हस्तांतरित कराई। साथ ही, डायवर्जन राशि की प्रथम किस्त 21.13 करोड़ रुपए भी वन विभाग को दिए। इसके बावजूद केंद्र सरकार निर्माण कार्य शुरू नहीं करा पाई है। अब केन्द्र और स्थानीय सांसद ओम बिरला को प्रयास करने चाहिए। स्थानीय सांसद होने से यह उनका कर्तव्य है कि कार्य को आगे बढ़ाए। शांति धारीवाल सब कुछ कर रहे हैं। केवल एयरपोर्ट का काम बिरला को करना है। बिरला अपने हाथ खड़े कर दें, तो हम काम आगे बढ़ाएंगे और एयरपोर्ट बनवा देंगे।

