दिव्यांग बेटी को गोद में लेकर घूम रहा पिता










अलवर
अलवर शहर के कटोरी वाला तिबारा निवासी कैलाश चंद सैनी अपनी 17 साल की 90 प्रतिशत विकलांग बेटी को गोद में लिए घूम रहा है। उसे न पेंशन मिल रही है, न बैंक में खाता खुल पा रहा है।
दो साल से कैलाश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के चक्कर लगा रहा है। अब हार थककर घर बैठ गया। बेटी की तबीयत भी अधिक खराब रहती है। अफसर कहते हैं कि उसकी बेटी की फाइल नहीं मिल रही।
जबकि बैंककर्मी कहते हैं कि कोर्ट के आदेश पर ही बैंक खाता खुल सकता है।
बोला- बेटी 90 पर्सेंट विकलांग
कैलाश चंद सैनी ने बताया कि उसके तीन बच्चे हैं। दो बेटे हैं, एक बेटी है। सबसे बड़ी बेटी चिमकी विकलांग है। जन्म से ही उसका शरीर काम नहीं करता है। अब उसकी तबीयत अधिक खराब रहती है। लेकिन सरकार की योजना के तहत उसे पेंशन नहीं मिल पा रही है।
2 साल पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में आवेदन किया था। लेकिन उसकी फाइल ही खो दी गई। अधिकारी कहते हैं कि जिस कर्मचारी को फाइल जमा कराई उनका तबादला हो गया। इस कारण फाइल नहीं मिली है।
बैंक में खाता तक नहीं खुल पा रहा
कैलाश बेटी का बैंक में खाता खुलवाने के लिए चक्कर लगा रहा है। बैंक में कहा गया कि बेटी 90 पर्सेंट से अधिक विकलांग है। जिसका खाता कोर्ट के आदेश पर ही खोला जा सकता है। कोर्ट में आवेदन कर दिया। अब तक आदेश नहीं हुए हैं।
वकील को फीस तक दे दी। लेकिन बैंक में खाता खुलवाने के आदेश नहीं हो सके हैं। इधर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी परवाह नहीं कर रहे। जिसके कारण पेंशन की फाइल का पता नहीं चल सका है।

