कन्हैयालाल हत्याकांड में 2 आऱोपियों की जमानत पर हुई बहस:










कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में दो आरोपियों मोहम्मद जावेद व फरहाद मोहम्मद शेख उर्फ बाबला की जमानत याचिका पर गुरुवार को एनआईए की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। अदालत दोनों जमानत याचिकाओं पर कल आदेश देगी। वहीं कल मामले में चार्ज बहस भी शुरू होगी। इस दौरान सभी 9 आरोपियों को वीसी के जरिए कोर्ट में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि 28 जून 2022 को कन्हैयालाल की मोहम्मद रियाज़ अटारी और गौस मोहम्मद ने निर्मम तरीके से गला काटकर हत्या कर दी थी।
एनआईए ने किया जमानत का विरोध
मोहम्मद जावेद की जमानत याचिका पर बहस करते हुए उनके वकील मिन्हाज़ुल हक ने कहा कि जावेद का एफआईआर में नाम नहीं है। उसे घटना के 20 दिन बाद गिरफ्तार किया गया है। वहीं उस पर आरोप है कि वह घटना के एक दिन पहले रियाज़ अत्तारी से मिला था लेकिन इसका कोई प्रमाण एनआईए के पास नहीं है। जिस दुकान पर जावेद के चाय पीने की बात कही गई है। उस चाय वाले के बयानों में भी कहीं जावेद का जिक्र नहीं है। इसके साथ ही एनआईए ने चाय वाले से जावेद की पहचान भी नहीं करवाई है।
वहीं आरोपी फरहाद मोहम्मद शेख उर्फ बाबला की ओर से बहस करते हुए अधिवक्ता अखिल चौधरी ने कहा कि आऱोपी पर यूएपीए का कोई चार्ज नहीं है। ना ही उसे षड़यंत्र का दोषी माना गया है। उसे केवल आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया गया है। फरहाद के घर से केवल एक भोंटी तलवार बरामद हुई थी। ऐसे में उस पर भी आर्म्स एक्ट नहीं लग सकता हैं। वहीं एनआईए की ओऱ से कहा गया कि दोनों आरोपी षड़यंत्र में शामिल हैं। दोनों को अगर जमानत का लाभ दिया जाता है तो इससे केस प्रभावित होगा। ऐसे में दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज़ की जाए।

