Bikaner : अस्पतालों में बेकार पड़े 450 कूलरों को चालू कराने में 5 लाख रुपए खर्च होंगे……. …..










बीकानेर गर्मी के दिनों में अस्पताल में भर्ती मरीजों को गर्मी से परेशानी न हो इसके लिए बीकानेर फाइबर कूलर एसोसिएशन ने अभी से कमर कस ली है। एसोसिएशन की ओर से संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल सहित सभी डिस्पेंसरियों में रखे 450 कूलरों की मरम्मत कराई जाएगी ताकि लोगों को गर्मी के दौरान परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
इसमें पीबीएम अस्पताल के 300 कूलर और अन्य अस्पतालों व औषधालयों के 150 कूलर शामिल होंगे। इतना ही नहीं मार्च के अंत तक इन सभी कूलरों की मरम्मत कर दी जाएगी। कूलर एसोसिएशन 15 फरवरी से कूलरों की मरम्मत का काम शुरू करेगा। इसके लिए कूलर एसोसिएशन ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी से मुलाकात कर अपनी कार्ययोजना बताई। एसोसिएशन की ओर से पीबीएम अस्पताल के शिशु चिकित्सालय में लगे कूलरों की मरम्मत नहीं करवाएगा, क्योंकि इस अस्पताल को एक संस्था ने गोद ले लिया है। इसके अलावा इस अस्पताल में 100 से ज्यादा कूलर लगे हुए हैं. इसलिए कूलर एसोसिएशन ने ऐसा करने से इनकार कर दिया.
फाइबर एसोसिएशन 15 फरवरी से शुरू करेगा कूलरों की मरम्मत का काम: बीकानेर फाइबर कूलर एसोसिएशन की ओर से कूलरों की मरम्मत के लिए चार कारीगर नियुक्त किए जाएंगे। ये कारीगर डेढ़ से दो महीने में अस्पतालों और डिस्पेंसरियों के बंद पड़े कूलरों की मरम्मत कर देंगे. इसमें लोहे, फाइबर और प्लास्टिक से बने सभी कूलर बदले जाएंगे। बंद कूलर की ग्रिल, मोटर, स्विच, तार समेत अन्य छोटे-मोटे काम होंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष के.के. मेहता ने बताया कि दो कूलर पूरी तरह खराब हो जाएंगे, जिनकी मरम्मत नहीं हो सकेगी। ऐसे में दो कूलरों को मिलाकर एक कूलर तैयार किया जाएगा. एसोसिएशन की ओर से कूलरों की मरम्मत पर करीब 5 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
बीकानेर फाइबर कूलर एसोसिएशन पिछले पांच साल से पीबीएम अस्पताल में खराब पड़े कूलरों की मरम्मत करा रहा है। एसोसिएशन इस साल छठी बार अस्पताल में खराब पड़े कूलरों की मरम्मत करवाएगी। एसोसिएशन ने 2019 में पहली बार पीबीएम अस्पताल के कूलरों की मरम्मत का बीड़ा उठाया था। उस वर्ष 400 कूलरों की मरम्मत की गई। इसके बाद यह आंकड़ा हर साल 250 से 300 तय किया गया। इस बार एसोसिएशन ने अन्य अस्पतालों व डिस्पेंसरियों में बंद पड़े कूलरों की मरम्मत कर उन्हें चलाने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन की ओर से पहली बार 150 कूलरों की मरम्मत कराई जाएगी।

