Bikaner : स्वच्छता कर्मियों व पर्यवेक्षकों का चार महीने का भुगतान लंबित…….


Bikaner superfast news : ठोस एवं तरल अपशिष्ठ प्रबंधन के तहत जिले की विभिन्न पंचायतों में कार्यरत स्चछता कर्मियों व पर्यवेक्षकों का करीब 3.5 करोड़ रुपए मानेदय भुगतान लंबित है. पिछले करीब चार माह से स्वच्छता कर्मियों व स्वच्छता पर्यवेक्षकों का भुगतान नहीं किया गया है.

जिसे ले उक्त कर्मियों की माली हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है. नवरात्रि जैसे महान त्योहार पर भी उन्हें भुगतान से संबंधित कोई कार्रवाई नहीं की गई. बावजूद इसके स्वच्छता कर्मियों द्वारा नवरात्रि में भी संबंधित पंचायतों की हर गांवों व वार्ड में कचरा का उठाव करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. ठोस व गीला कचरे का लगातार उठाव करते रहे हैं. बावजूद इसके भुगतान में काफी देरी की जा रही है. बताया जाता है कि नगर निकायों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों को भी स्वच्छ व सुंदर बनाने के बनाने के लिए एसएलडब्लूएम योजना की शुरूआत की गई है. ताकि पंचायत के हर गांव स्वच्छ व समृद्ध रहे. लेकिन स्वच्छता कर्मियों के मानेदय भुगतान की स्थिति यही रही तो योजना कभी भी दम तोड़ सकता है. विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले की 100 पंचायतों में योजना की शुरूआत की गई है.

जिसमें 667 वार्डों में सफाई अभियान युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. प्रत्येक वार्ड में दो-दो स्वच्छता कर्मियों के साथ-साथ प्रत्येक पंचायत में एक-एक स्वच्छता पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई है. स्वच्छता कर्मियों द्वारा सफाई की जा रही है, तो पर्यवेक्षकों द्वारा उनके कार्यों की निगरानी की जाती है. स्वच्छता को ले सरकार पूरी तरह से गंभीर है. लेकिन भुगतान के मामले में पिछड़ रही है.
बताया जाता है कि प्रथम किस्त में जो राशि का आवंटन हुआ था, वे खर्च किये गए हैं. लेकिन दूसरी किस्त की 40 प्रतिशत राशि का आवंटन नहीं हुआ है. जिस कारण भुगतान लंबित है. लेकिन सवाल उठ रहा है कि स्वच्छता कर्मियों व पर्यवेक्षकों को उनके द्वारा किए गए कार्यों की मजदूरी मिलनी चाहिए. नोखा प्रखंड के बरांव पंचायत के मुखिया दयानंद सिंह ने बताया कि स्चच्छता कर्मी व पर्यवेक्षक भुगतान के लिए परेशान कर रहे हैं. उन्हें प्रत्येक दिन आश्वासन दिया जाता है कि जल्द भुगतान किया जाएगा. ऐसा नहीं करने पर वे काम छोड़कर फरार हो जाएंगे.


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