मोबाइल के कारण बच्चों की हो रही हैं आंखें कमजोर, 50 बच्चों में मिला नेत्र दोष….










बीकानेर रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर मरुधरा द्वारा रोटरी नेत्र ज्योति कलश अभियान लगातार चलाया जा रहा है। बुधवार को पूगल रोड स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 195 बच्चों की नि:शुल्क नेत्र जांच की गई।
इनमें से 50 बच्चों में नेत्र दोष पाया गया। शिविर संयोजक आशीष कोठारी ने बताया कि शिविर का आयोजन क्लब अध्यक्ष अनीश अहमद एवं शिक्षिका ऋतु के नेतृत्व में किया गया। रोटरी आचार्य नानेश नेत्र चिकित्सालय द्वारा बच्चों की आंखों की जांच आधुनिक नेत्र परीक्षण की विशेष मशीन रिफ्लेक्टोमीटर से की गई। यह बेहद चिंताजनक है कि 50 बच्चों की आंखों में खराबी है।
डिस्ट्रिक्ट असिस्टेंट गवर्नर राहुल माहेश्वरी ने कहा कि इतनी कम उम्र में बच्चों के रेटिना पर असर चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। माता-पिता अपने छोटे बच्चों को मोबाइल फोन समेत अन्य गैजेट आसानी से दे रहे हैं। इससे उनकी आंखों की रोशनी बहुत तेजी से कमजोर हो रही है। बच्चों को अधिक सुख-सुविधाएँ उपलब्ध कराने का परिणाम यह हो रहा है कि वे लगातार कमजोर होते जा रहे हैं। क्लब के अध्यक्ष अनीश अहमद और अनिल भंडारी ने बताया कि नेत्र दोष पाए गए बच्चों के इलाज के लिए स्कूल प्रशासन की ओर से अभिभावकों को सूचित कर दिया गया है।
रोटरी मरुधरा स्कूल प्रशासन के सहयोग से इन बच्चों का निःशुल्क इलाज करने को तैयार है। इसके लिए उनके माता-पिता से अनुमति लेना जरूरी है. नेत्र परीक्षण करते हुए डॉ. अनंत शर्मा ने आह्वान किया कि वर्तमान समय में माता-पिता अपने बच्चों को समय नहीं देते बल्कि उन्हें मोबाइल फोन पकड़ा देते हैं। बच्चों के लगातार मोबाइल फोन देखने से उनकी आंखों की रेटिना पर असर पड़ रहा है। हर कैंप में 25-30 फीसदी बच्चों की आंखें कमजोर पाई जाती हैं. इस अवसर पर एड. पुनीत हर्ष, गोविंद कल्याणी, कैलाश झांब, श्यामा, नौरीन खान, सुरेखा बाहेती, अमिता प्रसाद, ऑप्टिशियन अल्ताफ हुसैन आदि ने सेवाएं दीं।

